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भावी पीढ़ी को नशे से बचाने जागृति लाना आवश्यक – विवेक शुक्ला जी (सीएसपी दुर्ग)

भिलाई नगर : दुर्ग पुलिस प्रशासन द्वारा विभिन्न समाज सेवी संगठन ब्रह्माकुमारीज़, गायत्री मिशन, आनन्द आश्रम, जन सुनवाई फाउण्डेशन आदि NGO के सानिध्य में संचालित नशामुक्ति अभियान जियो-खुलकर कार्यक्रम के तहत शनिवार को 9.00 से 10.30 बजे जवाहर लाल नेहरू शा.उ.मा.वि खुर्सीपार में बच्चों को नशा व अपराध से बचाव के लिए जागृति हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

भावी पीढ़ी को नशे से बचाने  जागृति लाना आवश्यक है- विवेक शुक्ला जी (सीएसपी दुर्ग)http://www.newsanant.com/drugs-are-the-root-cause-of-most-crimes-thats-why-you-children-and-youth-are-being-motivated-to-stay-away-from-drugs/

कार्यक्रम के शुरूवात में सीएसपी दुर्ग विवेक शुक्ला जी ने जियो खुलकर योजना के बारे में विस्तार से चर्चा किया एवं बताया कि समाज में घटित अपराध व दुर्घटना का मूल कारण किसी न किसी रूप में नशा ही है। और अब तो यह नशा का प्रकोप धीरे धीरे छोटे छोटे बच्चों को भी अपने गिरफ्त में ले लिया है। अतः हमें अगर भावी पीढ़ी को इन दुर्व्यसनों से बचाना है तो बच्चों में जागृति लानी होगी।

जीवन में लक्ष्य निर्धारण कर नशे से दूर रहे -एडिसनल एसपी रोहित झा

एडिसनल एसपी रोहित झा जी ने बच्चों से सहज इन्टरेक्शन करते हुए नशा के विभिन्न रूपों जैसे मोबाइल, टीवी, रेस ड्राईविंग जैसे एडिक्ट एवं उसके दुष्परिणाम के बारे में बताया। और बच्चों को जीवन में लक्ष्य निर्धारण करने गोल सेट कर पढ़ाई पर ध्यान देने की बात कही।

नशा नाश का जड़ है जो जीवन में पश्चाताप के सिवाय कुछ नहीं दे सकता -संजय मिश्रा, जन सुनवाई केन्द्र

जन सुनवाई केन्द्र के संजय मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थी जीवन सीखने का जीवन है जीवन में लक्ष्य निर्धारण कर उस पर सफलता प्राप्त करने का अवसर है अतः बच्चों में जिज्ञासा वश बड़ों के देखा देखी नशे के गिरफ्त में आना ये विकट समस्या है अतः बच्चों को इन दुर्व्यसनों से दूर रह कर पढ़ाई पर ध्यान देने से ही समाज में कलेक्टर, डाक्टर इन्जीनियर आदि बन सकेंगे नहीं तो नशा नाश का जड़ है जो जीवन में पश्चाताप के सिवाय कुछ नहीं दे सकता।

हम सभी को नशा से दूर रहना है.. आचार्य चेतन आनन्द, आनन्द आश्रम

आनन्द आश्रम से पधारे आचार्य चेतन आनन्द ने बच्चों के सामने दो गिलास लिया और दोनो गिलास में साफ पानी भर कर एक गिलास में मिट्टी घोल दिया और बच्चों से पूछा कि आपको प्यास लगी हो तो इन दोनो गिलास में से कौन सा गिलास का पानी पीना चाहेंगे। सभी बच्चों ने एक स्वर में कहा कि साफ गिलास का पानी पीयेंगे क्योंकि मिट्टी कचरे वाला पानी सेहत को खराब कर देगा। इस पर आपने कहा कि नशा भी ऐसे ही कई प्रकार के गंदगी व शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले चीजों को मिला कर बनाते हैं अतः हम सभी को नशा से दूर रहना है।

समाज व घर परिवार में इज्जत नहीं होता नशा करने वालो का – ब्रह्माकुमार बेनी भाई (ब्रह्माकुमारिस सेवाकेंद्र भिलाई )

ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से पधारे ब्रह्माकुमार बेनी भाई ने कहा कि अगर जीवन में शान से रहना है तो नशा से दूर रहना पड़ेगा क्योंकि नशा का उल्टा शान होता है। ऐसे ही लोग नशा पान करते हैं तो छुप कर करते हैं। चोरी छिपे नशा खरीदते बेचते व सेवन कर अनेकों अपराध करते हैं ऐसे लोंगों का समाज व घर परिवार में इज्जत भी नहीं होता अतः हमारी जागृति अभियान का नाम ही है जियो खुलकर नशा मुक्ति अभियान। हर मनुष्य जीवन में क्या चाहता है या हर कर्म के प्रति क्या उद्देश्य होता है ? सुख-शान्ति की प्राप्ति ना लेकिन मनुष्य क्षणिक आनन्द और दुख अशान्ति को भुलाने के लिए नशा का आश्रय लेता है और परिणाम अनेक प्रकार के शारीरिक मानसीक रोग व अनेक प्रकार के अपराध व दुर्घटनाओं का शिकार हो जाता है।

नशा नाश का जड़ है भाई, फल इसका अतिशय दु:खदाई

इसलिए कहा भी जाता है कि नशा नाश का जड़ है भाई, फल इसका अतिशय दु:खदाई अतः समाज में हम सभी देख रहे हैं समाचारों में आये दिन अनेकों दुर्घटना व अपराध के न्यूज आते हैं अतः हमें जीवन में सच्ची सुख शान्ति व आनन्द चाहिए तो नशा एवं व्यसनों से मुक्त होना पड़ेगा। नशा मुक्ति के लिए और जीवन लक्ष्य को पाने के लिए सबसे पहले चाहिए ज्ञान पहले के समय में प्रेयर में ये सिखाया भी जाता था कि हे प्रभु आनन्द दाता ज्ञान हमको दीजीये अर्थात् भगवान सुख शान्ती आनन्द प्रेम का दाता तो है परन्तु पहले हम भगवान से ज्ञान मांगते हैं। ज्ञान आता है ध्यान से जैसे टीचर क्या कहता है- बच्चो पढ़ाई पर ध्यान दो।

सूचना सुनाते समय क्या कहते हैं अटेन्शन प्लीज़। कृपया ध्यान दे।

ऐसे ही कोई सूचना या जरूरी बात सुनाते समय क्या कहते हैं अटेन्शन प्लीज़। कृपया ध्यान दे। और ईश्वर को याद करते हैं उसे भी क्या कहते हैं ध्यान तो सार क्या है Tension से बचना है तो Attention देना होगा। तभी हम अपने लक्ष्य में सफल हो पायेंगे। अंत में सुन्दर प्रेरक दृष्टांत सुनाते हुए सभी को नशा https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B8%E0%A4%A8व व्यसनों से मुक्त रहने के लिए सभी को प्रतिज्ञा दिलाई। प्राचार्या प्रीती गुप्ता मैडम ने धन्यवाद आभार प्रेषित किया।

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